अंगारक दोष पूजा विशेष रूप से जीवन में शांति, सफलता और बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है। यदि आप भी अंगारक दोष के नकारात्मक प्रभाव से परेशान है तो आज ही उज्जैन के अनुभवी और योग्य पंडित अतुल अग्निहोत्री जी से नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करें और पूजा की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करें।
ज्योतिष शास्त्र मे व्यक्ति की जन्मकुंडली के अनुसार कुंडली मे कई प्रकार के शुभ और अशुभ योग बनते है। शुभ योग जीवन के लिए लाभदायक होते है। किन्तु अशुभ योग जीवन मे संघर्ष और परेशानियों का कारण बनते है। इन्ही अशुभ दोषो मे से एक दोष है अंगारक दोष। राहु और मंगल की युति के कारण कुंडली मे यह दोष बनता है। इस दोष के प्रभाव से व्यक्ति का स्वभाव आक्रामक हो सकता है, और उसे क्रोध, दुर्घटनाओं, रक्त से संबंधित रोगों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अंगारक दोष के लक्षण निम्नलिखित है-
अंगारक दोष के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय सुझाए गए है जो की निम्नलिखित है-
इन सभी उपायो को अपनाकर अंगारक दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
मंगल बीज मंत्र:
“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”
राहु बीज मंत्र:
“ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”
प्रतिदिन स्नान करने के बाद इस मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इन मंत्रों का 108 बार जाप पूजा का प्रभाव बढ़ाता है।
अंगारक दोष निवारण पूजा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में आ रही सभी बाधाओं को कम किया जा सकता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।यह पूजा न केवल मंगल और राहु की नकारात्मक ऊर्जा को शांत करती है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक साहसिक यात्रा है, जो व्यक्ति को साहस, संतुलन और सकारात्मकता की ओर ले जाती है और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन स्थापित करती है।
यह पूजा अंगारक दोष के नकारात्मक प्रभाव को दूर करती है, जिससे जीवन मे सकारात्मक्ता मे व्रद्धि होती है। उज्जैन अंगारक दोष पूजा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां के मंगलनाथ मंदिर में इस दोष की शांति के लिए विशेष पूजा-अनुष्ठान किए जाते हैं।

उज्जैन में अंगारक दोष पूजा की प्रक्रिया सामान्यत: इस प्रकार होती है:
स्नान और संकल्प के साथ पूजा की शुरुआत।
गणेश पूजन और नवग्रह आह्वान।
मंगल ग्रह के विशेष बीज मंत्र और राहु शांति मंत्र का जाप।
हवन और आहुति द्वारा मंगल-राहु के अशुभ प्रभाव का निवारण।
ब्राह्मण भोजन और दान से पूजा का समापन।
उज्जैन को मंगल ग्रह की जन्मभूमि माना जाता है, और यहाँ का मंगलनाथ मंदिर मंगल दोष और अंगारक दोष निवारण के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उज्जैन में इस पूजा का विशेष महत्व निम्नलिखित कारणों से है:
मंगलनाथ मंदिर: मंगल ग्रह से संबंधित पूजा के लिए सबसे शक्तिशाली स्थल।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: भगवान शिव की पवित्रता दोषों को शांत करती है।
शिप्रा नदी: पूजा से पहले स्नान कर्मिक दोषों और नकारात्मक ऊर्जा को शुद्ध करता है।
वैदिक पंडित: उज्जैन के पंडित वैदिक मंत्रों और अनुष्ठानों में निपुण हैं, जो पूजा की प्रभावशीलता सुनिश्चित करते हैं।
ऑनलाइन सुविधा: विश्व भर के भक्त वीडियो कॉल के माध्यम से पूजा में शामिल हो सकते हैं और प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं।

यह पूजा निम्नलिखित लाभ प्रदान कर सकती है:
वैवाहिक सुख: विवाह में बाधाओं का निवारण और पति-पत्नी के बीच सौहार्द।
स्वास्थ्य सुधार: रक्त, त्वचा, और चोट से संबंधित समस्याओं में राहत।
आर्थिक स्थिरता: कर्ज से मुक्ति, आय में वृद्धि, और व्यापार में लाभ।
मानसिक शांति: क्रोध, तनाव, और भय से राहत, आत्मविश्वास में वृद्धि।
कर्मिक शुद्धि: पिछले जन्मों के कर्मों और राहु-केतु के प्रभाव का निवारण।
आध्यात्मिक उन्नति: शिव, हनुमान, और मंगल देव की कृपा।
अंगारक दोष पूजा का खर्च पूजा के प्रकार, पंडितों की संख्या, और सामग्री पर निर्भर करती है। उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित अतुल अग्निहोत्री जी के अनुसार पूजा खर्च लगभग ₹2,100 या इससे अधिक हो सकता है। पूजा की सटीक जानकारी के लिए नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें।
यदि आप अंगारक दोष के दुष्प्रभावों से बचना चाहते है तो आज ही उज्जैन मे अंगारक दोष पूजा करवाने के लिए आप पंडित अतुल अग्निहोत्री जी से संपर्क कर सकते है। पंडित जी को 8 वर्षो से अधिक समय से पूजाओ का अनुभव प्राप्त है। अपनी पूजा बुक करने के लिए नीचे दी हुयी बटन पर क्लिक करें और पंडित जी से संपर्क करें